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जैसे-जैसे मलबे के ढेर हटाए जा रहे हैं उनके नीचे से लाशें निकल रही हैं। वहीं मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। UNHCR के मुताबिक सीरिया और तुर्की में आए भूकंप से सीरिया में कम से कम 5.3 मिलियन लोग बेघर हो गए हैं।
तुर्की और सीरिया में आए भूकंप ने भयानक तबाही मचाई है। तुर्की में पिछले 20 साल में आया यह सबसे भयावह भूकंप है। शनिवार को तुर्की-सीरिया मरने वालों की संख्या 24,000 के करीब पहुंच गई। हालांकि, बारिश और ठंड के चलते राहत- बचाव अभियान में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तुर्की में सोमवार को 7.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था। इस भूकंप के बाद भी कई हल्के झटके महसूस किए गए।
जैसे-जैसे मलबे के ढेर हटाए जा रहे हैं उनके नीचे से लाशें निकल रही हैं। वहीं मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। UNHCR के मुताबिक सीरिया और तुर्की में आए भूकंप से सीरिया में कम से कम 5.3 मिलियन लोग बेघर हो गए हैं। भूकंप के बाद दोनों देशों में कम से कम 870,000 लोगों को भोजन की तुरंत आवश्यकता है।
इस बीच तुर्की के राष्ट्रपति राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने भूकंप प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। एर्दोगन ने माना कि सोमवार को आए भूकंप के बाद सरकार को जिस तेजी से राहत कार्य चलाना था, उतनी तेजी से काम हो नहीं पाया।
तुर्की में कई देशों की ठीम राहत-बचाव कार्य के लिए पहुंची है। भारत की ओर से NDRF की टीम भी पहुंची है जो दिन-रात कड़ी मेहनत कर रही है। तुर्की और सीरिया की मदद के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन दोस्त’ अभियान चलाया है। भारत से NDRF की 3 टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तुर्की पहुंची हैं।
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